यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का निधन

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का निधन, एम्स में ली आखिरी सांस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में देहांत हो गया। उन्होंने सोमवार सुबह 10:44 बजे अस्पताल में आखिरी सांस ली। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थि ने इसकी पुष्टि की।

 मालूम हो कि सीएम योगी के पिता को लीवर और किडनी की समस्या थी। दिक्कत बढ़ने पर बीते 13 मार्च को उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के गेस्ट्रो विभाग के डॉ. विनीत आहूजा की टीम उनका इलाज कर रही थी।
रविवार देर रात तक उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था और कल डायलिसिस भी कराई गई थी। जब सीएम योगी को पिता के निधन की सूचना मिली तो वो 11 समितियों के अध्यक्षों के साथ कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद करीब आधे घंटे तक वो बैठक करते रहे।

प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सरकार के सभी मंत्रियों, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व अन्य विपक्षी दलों के नेताओं और भाजपा नेताओं ने सीएम योगी के पिता के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है।

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EPF से रकम निकालने को श्रम मंत्रालय की मंजूरी

EPF से रकम निकालने को श्रम मंत्रालय की मंजूरी, 6 करोड़ कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

वित्त मंत्री ने हाल ही मे किया था राहत का ऐलान

EPFO- India TV Paisa
EPFO
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से जुड़ी पाबंदियों के बीच श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि यानि ईपीएफ योजना के छह करोड़ से अधिक अपने अंशधारकों को अपने खाते से पैसा निकालने की अनुमति दे दी है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने पिछले सप्ताह विभिन्न क्षेत्रों के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज के तहत की थी। इसके क्रियान्वयन के संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार ईपीएफ खाते से स्वीकृत निकासी की राशि अंशधारक के तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के योग या उसके खाते में जमा हुई कुल राशि के तीन चौथाई में से जो भी कम हो, उससे अधिक नहीं हो सकती है।
कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये ‘लॉकडउान’ की वजह से लोगों को राहत देने को लेकर यह कदम उठाया गया है। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन को लेकर 28 मार्च 2020 को इस संदर्भ में अधिसूचना जारी की है। मंत्रालय के अनुसार अधिसूचना में तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या ईपीएफ खाते में पड़ी 75 प्रतिशत राशि जो भी कम हो, उसे निकालने की अनुमति दी गयी है। इस राशि को लौटाने की जरूरत नहीं होगी। कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया गया है और इसीलिए ईपीएफ योजना के दायरे में आने वाले देश भर में कारखानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारी इस राशि को निकालने के लिये पात्र हैं।

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ICICI Bank ने शुरू की 24/7 WhatsApp बैंकिंग

ICICI Bank ने शुरू की 24/7 WhatsApp बैंकिंग, जानिए कैसे पा सकते हैं सुविधा

बैंक के सेविंग खाता धारकों को घर बैठे मिलेगी बैंकिंग की सुविधा 

- India TV Paisa
ICICI Bank launches WhatsApp Banking

 

 

नई दिल्ली। कोरोना संकट की वजह से देश भर में जारी ल़ॉकडाउन के बीच आईसीआईसीआई बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट ग्राहकों के लिए घर बैठे बैंकिंग की सुविधा शुरू की है। बैंक के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से हो रही कई परेशानियों से निपटने के लिए ये सेवा शुरू की गई है।
बैंक के मुताबिक ग्राहक अब WhatsApp पर ही अपना अकाउंट बैलेंस देख सकते हैं। आखिरी के तीन ट्रांजेक्शन देख सकते हैं, क्रेडिट कार्ड की सीमा के बारे में जानकारी ले सकते हैं, या फिर लोन की जानकारी भी पा सकते हैं। इसके साथ ही इस सेवा की मदद से ग्राहक अपने कार्ड को ब्लॉक या अनब्लॉक भी कर सकते हैं। वहीं इसके जरिये ग्राहकों को अपने करीबी एटीएम और शाखा की भी जानकारी मिल सकेगी। बैंक के मुताबिक ये सर्विस पूरी तरह से सुरक्षित है।
इस सेवा को पाने के लिए पहले आपको अपने बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से whatsapp के जरिए 9324953001 को ‘hi’ मैसेज भेजना होगा। मैसेज के जवाब में बैंक की तरफ से सेवाओं और उससे जुड़े की-वर्ड भेजे जाएंगे। आपको जो सेवा चाहिए आप मैसेज में वो की-वर्ड डालकर भेज दें, बैंक की तरफ से आपको जानकारी भेज दी जाएगी। ये सेवा 24 घंटे मिलेगी। 

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बिना सब्सिडी का रसोई गैस सिलेंडर हुआ सस्ता

बिना सब्सिडी का रसोई गैस सिलेंडर हुआ सस्ता, जानिए गिरावट के बाद कहां पहुंची कीमत

पहली मार्च को भी LPG कीमतों में हुई थी कटौती 

 LPG Price cut- India TV Paisa

नई दिल्ली। बिना सब्सिडी के बाजार मूल्य आधारित रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 61.5 रुपये की कटौती की गई है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के अनुरूप देश में भी एलपीजी सिलेंडर सस्ते किए गए हैं। दिल्ली में अब बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम 744 रुपये प्रति सिलेंडर पर आ गया है। उपभोक्ताओं को सालाना 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडर सब्सिडी वाली कीमत पर मिलते हैं। उसके बाद जरूरत होने पर उपभोक्ता बाजार कीमत पर सिलेंडर खरीदते हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की अधिसूचना के अनुसार मार्च से यह बाजार मूल्य आधारित सिलेंडर कीमत में दूसरी कटौती है। इससे पहले एक मार्च को सिलेंडर के दाम 53 रुपये घटाए गए थे। वहीं फरवरी में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में 144.5 रुपये की भारी वृद्धि की गई थी। इन दो कटौतियों के बाद भी सिलेंडर का दाम फरवरी के स्तर से ऊंचा है। देश में रसोई गैस सिलेंडर बाजार मूल्य पर बेचा जाता है। सब्सिडी के पात्र ग्राहकों के बैंक खातों में सब्सिडी का पैसा भेजा जाता है। अधिसूचना के अनुसार, व्यावसायिक इस्तेमाल वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम भी घटकर 1,381.50 रुपये से 1,285 रुपये पर आ गया है।

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दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में 7% तक सस्ती हुई CNG और PNG

पिछले छह माह के दौरान सीएनजी के दाम में दूसरी कटौती 

IGL- India TV Paisa
IGL
नई दिल्ली। वाहनों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी और पाइप के जरिये घरों की रसोई तक पहुंचने वाली गैस पीएनजी के दाम में शुक्रवार को सात प्रतिशत तक की कटौती की गई। प्राकृतिक गैस के दाम घटने के बाद सीएनजी और पीएनजी कीमतों में यह कटौती की गई है। राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में सीएनजी की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने कहा है कि दिल्ली में सीएनजी का दाम 3.20 रुपये घटाकर 42 रुपये किलो कर दिया गया है। इसके साथ ही दिल्ली से लगते नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में इसके दाम में 3.60 रुपये की कटौती की गई है। इन इलाकों में सीएनजी का दाम 47.75 रुपये किलो रह जायेगा। इससे पहले यह दाम 51.35 रुपये प्रति पर था। ताजा कटौती सात प्रतिशत की है।
इंद्रप्रस्थ गैस ने वक्तव्य में यह भी घोषणा की गई है कि दिल्ली में पीएनजी का दाम 1.55 रुपये घटकर 28.55 रुपये प्रति घनमीटर रह गया है। इसी प्रकार नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में रसोई की पाइप वाली गैस का दाम 1.65 रुपये घटकर 28.45 रुपये प्रति घनमीटर रह गया है। पिछले छह माह के दौरान सीएनजी के दाम में यह दूसरी कटौती की गई है। इससे पहले अक्टूबर 2019 में सीएनजी के दाम में दिल्ली में 1.90 रुपये और नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा गाजियाबाद में 2.15 रुपये किलो की कटौती की गई थी। अक्टूबर, 2019 में ही दिल्ली में पीएनजी के दाम में 90 पैसे प्रति घनमीटर और उत्तर प्रदेश के साथ लगते शहरों में 40 पैसे प्रति घनमीटर तक की कटौती की गई थी।

 

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HDFC Bank ने MCLR में 0.2% की कटौती की, EMI में मिलेगी राहत

कर्ज की लागत घटने की वजह से बैंक ने MCLR में कटौती की है 

HDFC Bank cuts MCLR- India TV Paisa
HDFC Bank cuts MCLR
नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने कर्ज पर ब्याज 0.20 प्रतिशत घटा दी है। कर्ज की लागत कम होने के साथ बैंक ने ब्याज दर कम की है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार मंगलवार से सभी अवधि के कर्ज के लिये कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर यानि MCLR की समीक्षा की गयी है।
इस संशोधन के बाद एक दिन के लिये एमसीएलआर 7.60 प्रतिशत जबकि एक साल के कर्ज के लिये 7.95 प्रतिशत होगी। ज्यादातर कर्ज एक साल की एमसीएलआर से संबद्ध होते हैं। तीन साल के कर्ज पर एमसीएलआर 8.15 प्रतिशत होगी। नई दरें सात अप्रैल से प्रभावी हो गयी हैं।

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घर बैठे 10 मिनट में कोरोना वायरस टेस्ट

घर बैठे 10 मिनट में कोरोना वायरस टेस्ट, सिंगापुर की कंपनी ने बनाई किट, NIV पुणे ने दी मान्यता

कंपनी ने यह भी कहा है कि उसकी टेस्ट किट में रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद अगर किसी में कोरोना वायरस के लक्षण दिखते हैं तो उसे फिर प्रयोगशाला में ही टेस्ट कराना होगा 

Coronavirus Test Kit by Sensing Self Ltd (Singapore)- India TV
Coronavirus test Kit
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के टेस्ट के लिए सिंगापुर की कंपनी सेंसिंग सेल्फ ने एक ऐसी टेस्ट किट तैयार की है जिसके माध्यम से घर बैठे 10 मिनट में टेस्ट किया जा सकता है। कंपनी के इस टेस्ट को पुणे में स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV Pune) ने मान्यता दी है। कोरोना वायरस के टेस्ट के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) जिन 11 कंपनियों को मान्यता दी है उनमें सिंगापुर की सेंसिंग सेल्फ कंपनी भी एक है।
कंपनी का दावा है कि उसकी टेस्ट किट से घर बैठे 10 मिनट में कोरोना वायरस का टेस्ट किया जा सकता है। यह टेस्ट किट उसी तरह की दिखती है जिस तरह की टेस्ट किट भारत में प्रेगनेंसी की जांच के लिए इस्तेमाल होती है। 

Sensing Self Ltd Coronavirus test Kit
Coronavirus test Kit

टेस्ट किट में कुल 5 तरह के सामान हैं। सबसे पहला उस उंगली को साफ करने के लिए एल्कोहल का पाउच जिस उंगली से टेस्टिंग के लिए ब्लड लेना है, दूसरा ब्लड निकालने के लिए छोटी सी पिन, तीसरा ब्लड को उंगली से उठाने के लिए ड्रॉपर, चौथा जिस मीटर के ऊपर ब्लड को टेस्टिंग के लिए डालना है और पांचवां वह केमिकल जो मीटर के ऊपर रखे गए ब्लड के ऊपर छोड़ना है ताकि मीटर बता सके कि कोरोना वायरस पॉजिटिव है या निगेटिव। कंपनी का दावा है कि उसकी टेस्ट किट के द्वारा किए गए टेस्ट के सही होने की संभावना 92 प्रतिशत है।

 

Coronavirus Scare: घबराएं नहीं, जारी रहेंगी ये जरूरी सेवाऐं

Coronavirus Scare: घबराएं नहीं, पूर्ण लॉकडाउन के दौरान भी जारी रहेंगी ये जरूरी सेवाएं

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरा देश मंगलवार रात 12 बजे से 21 दिनों के लिए लॉकडाउन रहेगा। अब ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि इस दौरान कौन सी सेवाएं मिलेंगी और कौन सी नहीं। 

 Coronavirus Scare: घबराएं नहीं, पूर्ण लॉकडाउन के दौरान भी जारी रहेंगी ये जरूरी सेवाएं- India TV

 

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरा देश मंगलवार रात 12 बजे से 21 दिनों के लिए लॉकडाउन रहेगा। अब ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि इस दौरान कौन सी सेवाएं मिलेंगी और कौन सी नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरी सेवाएं और दवाएं मिलती रहेंगी। गृह मंत्रालय ने भी इसके लेकर एक गाइडलाइन जारी की है। इस दौरान भी राशन, दूध, सब्जी, फल आदि मूलभूत जरूरत की चीजों की दुकानों के साथ-साथ, बैंक, बीमा कंपनियों के दफ्तर, एटीएम, प्रिंट एंव इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। 

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को देशवासियों को संबोधित करते हुए देशभर में मध्यरात्रि से अगले 21 दिनों तक पूर्ण लॉकडाउन का एलान किया। पूर्ण लॉकडाउन के मददेनजर गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लॉक डाउन के दौरान भारत सरकार, इसके स्वायत्त निकायों के दफ्तर समेत अधीनस्थ व सार्वजनिक क्षेत्र के तहत आने वाली कंपनियों के कार्यालय बंद रहेंगे।

लेकिन सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, कोषागार, पेट्रोलियम, सीएनजी, पीएनजी, एलजीपी समेत पब्लिक युटिलिटीज, आपदा, प्रबंधन, उर्जा उत्पादन व वितरण इकाइयां, डाकघर, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, पूर्व चेतावनी देनेवाली ऐजेंसियों की सेवा जारी रहेगी।

इसी प्रकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी और स्वायशासी निकायों व सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के दफ्तर बंद रहेंगे लेकिन पुलिस, गृह रक्षक, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन व कारागार की सेवाएं चालू रहेंगी। इसके अलावा, जिला प्रशासन, कोषागार, बिजली, पानी, सफाई संबंधी सेवाएं जारी रहेंगी। हालांकि इन दफतरों में भी कम से कम कर्मचारी रहेंगे और बाकी सभी दफतरों में सिर्फ घर से काम हो सकता है।

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अस्पताल और संबंधित चिकित्सा प्रतिष्ठानों जिनमें सरकारी एवं निजी विनिर्माण व वितरण इकाइयां शामिल हैं वे खुली रहेंगी। मतलब केमिस्ट की दुकानों से लेकर लैब, डिस्पेंसरी बंद नहीं हैं। रोगीवाहन सेवा भी जारी रहेगी और मेडिकल, पैरा मेडिकल व अस्पतलाओं के कर्मचारियों के लिए परिवहन को भी अनुमति है।

लॉकडाउन के दौरान देश में सभी प्रकार के वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। लेकिन सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के तहत संचालित राशन की दुकान समेत, खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, फल-सब्जी की दुकानें, डेयरी, मिल्क-बूथ, गोश्त व मछली, पशुचारे की दुकानें खुली रहेंगी।

हालांकि घर से बाहर लोगों का आवागमन कम करने के मददनजर जिला प्रशासन होम-डिलीवरी की सुविधा को प्रोत्साहन दे सकता है। बैंक, एटीएम, बीमा कंपनियों के दफतर खुले रहेंगे। प्रिंट एवं इलेक्टरॉनिक मीडिया के प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। दूरसंचार, इन्टरनेट सेवा, प्रसारण व केबल सेवाएं, आइटी और आईटी से संबंधित जो जरूरी सेवाएं हैं जितना भी संभव हो घरों से संचालित होंगी।

खादय पदार्थ, दवाइयां, चिकित्सा उपकरण समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी ई-कॉमर्स के माध्यम से होगी। पेट्रोल पंप, एलपीजी, पेट्रोलियम एवं गैस रिटेल आउटलेट एवं भंडार खुले रहेंगे। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी द्वारा अधिसूचित कैपिटल एवं डेब्ट बाजार की सेवाएं जारी रहेंगी।

कोल्ड स्टोरेज एवं वेयरहाउसिंग की सेवाएं बहाल रहेंगी। प्राइवेट सिक्योरिटी की सेवा जारी रहेगी। अन्य सभी प्रतिष्ठानों में घर से काम किया जा सकता है। जरूरी वस्तुओं की विनिर्माण इकाइयों के सिवाय सभी औदयोगिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। रेल, सड़क एवं हवाई यातायात बंद रहेंगे, लेकिन आवश्यक वस्तुओं का परिवहन जारी रहेगा।

 

बाहर फंसे लोगों को सभी राज्य लाने लगे

बाहर फंसे लोगों को सभी राज्य लाने लगे तो समस्या बढ़ जाएगी- नीतीश

राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों सहित अन्य राज्यों में फंसे लोगों को बिहार वापस बुलाने की मांग को लेकर गरम हुई सियासत के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सभी राज्य बाहर फंसे लोगों को वापस लाने लगे तो लॉकडाउन का मजाक उड़ जाएगा।

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पटना. राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों सहित अन्य राज्यों में फंसे लोगों को बिहार वापस बुलाने की मांग को लेकर गरम हुई सियासत के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सभी राज्य बाहर फंसे लोगों को वापस लाने लगे तो लॉकडाउन का मजाक उड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि हमलोगों का तो कमिटमेंट पूरे तौर पर है। सोशल डिस्टेंसिंग ही हम सबको बचा सकता है।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना संक्रमण से उत्पन्न स्थिति से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, "कोरोना वायरस से बचाव को लेकर बाहर से आए लोगों की नियमित जांच जरूर करें। कोरोना प्रभावित 4 जिलों में हर परिवार की जांच कराएं।"

उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर कोरोना वायरस से प्रभावित जिलों में तेजी से अभियान चल रहा है। पल्स पोलियो अभियान की तरह ही एक-एक परिवार को इसमें कवर करना है। मुख्यमंत्री ने कोटा में फंसे छात्रों के मामले में कहा, "कुछ लोग नहीं माने और अपने आप वहां से आ गए, उन्हें बॉर्डर पर नहीं रखा गया बल्कि उनकी जांच कर उनके घर भिजवाने की व्यवस्था की गई।"

उन्होंने विपक्षी दलों की मांग पर कटाक्ष करते हुए कहा, "अब कोई कहे कि कोटा में जो लोग हैं, उनको फिर बुलवा लिया जाए। उनकी मांग पर देश के कोने-कोने में भी जो लोग फंसे हुए हैं, अगर सभी राज्य उन्हें वापस बुलाने लगे तो लॉकडाउन का मजाक उड़ जाएगा। हमलोगों का तो कमिटमेंट पूरे तौर पर है। सोशल डिस्टेंसिंग ही हम सबको बचा सकता है।"

उल्लेखनीय है कि राजद के नेता तेजस्वी यादव ने उत्तर प्रदेश द्वारा सरकार के कोटा में फंसे छात्रों को वापस बुलाने के फैसले का स्वागत किया था। तेजस्वी ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी एक पत्र लिखा था जिसमें कहा, "गुजरात, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारें जहां अपने राज्यवासियों के लिए चिंतित दिखी और राज्य के बाहर फंसे हुए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने का इंतजाम किया वहीं बिहार सरकार ने अपने बाहर फंसे राज्यवासियों को बीच मंझधार में बेसहारा छोड़ दिया है।"

जद (यू) के पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर लिखा, "देश भर में बिहार के लोग फंसे पड़े हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी लॉकडाउन की मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे हैं। स्थानीय सरकारें कुछ कर भी रहीं हैं, लेकिन नीतीश जी ने सम्बंधित राज्यों से अब तक कोई बात भी नहीं की है। प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग में भी उन्होंने इसकी चर्चा तक नहीं की।"

 

 

 

उत्तर प्रदेश: न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश: न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र, कहा- न्यायपालिका के वेतन से भी हो कटौती

जस्टिस अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि वैश्विक महामारी  कोरोना के कारण देश में आपातकाल जैसे हालात  है। पूरा देश पिछले एक माह से लॉक डाउन में  है। यह कोई नहीं जानता की हालत कब सामान्य होंगे।

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इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा है कि कोरोना महामारी की वजह से पैदा हुए हालात में देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कार्यपालिका ने सांसदों, विधायकों के वेतन से 30 फीसदी की कटौती की है। ऐसे में उच्च न्यायपालिका (हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट) को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने इसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर को पत्र भी लिखा है। उन्होंने पत्र में जजों के वेतन से एक साल तक 10 प्रतिशत एवं पेंशन से 5 प्रतिशत प्रति माह की कटौती कराने का सुझाव दिया है। और अपेक्षा की है कि सुपीरियर कोर्ट इस मुद्दे पर विचार करेगी।

उन्होंने इस सुझाव को राष्ट्रपति एवं भारत के मुख्य न्यायाधीश को विचार के लिए भेजे जाने का भी अनुरोध किया गया है। जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी अनुरोध किया है कि वह कम से कम एक साल तक हर महीने 50 हजार रुपये सरकार को सहायता दें ताकि इस दैवीय, प्राकृतिक आपदा से निपटने में न्यायपालिका की तरफ से भी देश की कुछ मदद की जा सके।

जस्टिस अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि वैश्विक महामारी  कोरोना के कारण देश में आपातकाल जैसे हालात  है। पूरा देश पिछले एक माह से लॉक डाउन में  है। यह कोई नहीं जानता की हालत कब सामान्य होंगे। भारत सरकार और न्यायपालिका के प्रमुख दोनों ही इस समय आर्थिक तंगी का सामना कर रहे। प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों से आर्थिक सहयोग मांगा है। इसमें उत्तर प्रदेश की न्यायिक संस्थाएं भी पीछे नहीं रही है। प्रदेश की न्यायपालिका ने सम्मान पूर्वक आर्थिक  योगदान दिया है। लोग भी  स्वेच्छा से मदद को सामने आ रहे हैं।

जस्टिस अग्रवाल का कहना है कि देश की विधायिका के लोग भी स्वतः आगे आए हैं और मंत्रियों तथा सांसदों ने अपने वेतन में एक साल तक 30 प्रतिशत की कटौती की है किन्तु  अब तक न्यायपालिका की ओर से कुछ नहीं किया गया है। जस्टिस अग्रवाल का कहना है कि उच्च न्यायपालिका के कार्यरत जजों को तीस प्रतिशत न सही, कम से कम अपने वेतन से 10 प्रतिशत  और 5 प्रतिशत रिटायर्ड जजों के पेंशन से एक साल तक कटौती करके सरकार को देने की पेशकश करनी  चाहिए।

 

 

उत्तर प्रदेश: नोएडा सेक्टर 15A में मिला कोरोना पॉजिटिव मामला

उत्तर प्रदेश: नोएडा सेक्टर 15A में मिला कोरोना पॉजिटिव मामला, आसपास के इलाके को सील किया गया

उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 15A में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बस आसपास के इलाके को सील किया गया है। कोरोनावायरस उत्तर प्रदेश में लगातार अपने पांव पसार रहा है। 

Uttar Pradesh: Coronavirus positive case found in Noida Sector 15A- India TV
Uttar Pradesh: Coronavirus positive case found in Noida Sector 15A

 

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 15A में कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बस आसपास के इलाके को सील किया गया है। कोरोनावायरस उत्तर प्रदेश में लगातार अपने पांव पसार रहा है। शनिवार को प्रदेश में 125 नए मामलों के साथ संक्रमित मरीजों की बढ़कर संख्या 974 पहुंच गई है। कोरोना अबतक 49 जिलों में फैला हुआ है। 
संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ़ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के आगरा में 199, लखनऊ में 163, गाजियाबाद में 30, गौतमबुद्घनगर (नोएडा) में 95, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर नगर में 30, पीलीभीत में 2, मुरादाबाद में 39, वाराणसी में 14, शामली में 22, जौनपुर में 5, बागपत में 15, मेरठ में 70, बरेली में 6, बुलंदशहर में 15, बस्ती में 16, हापुड़ में 16, गाजीपुर में 5, आजमगढ़ में 6, फीरोजाबाद में 38, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 6, सहारनपुर में 53 व शाहजहांपुर में 1, बांदा में 3, महराजगंज में 6, हाथरस में 4, मिर्जापुर में 4, रायबरेली में 2, औरैया में 6, बाराबंकी में 1, कौशाम्बी में 2, बिजनौर में 22, सीतापुर में 17, प्रयागराज में 1, मथुरा में 4 व बदायूं में 5, रामपुर में 6, मुजफ्फरनगर में 5, अमरोहा में 10 व भदोही में 1, कासगंज में 3, इटावा में 2, संभल में 7, उन्नाव में 1, कन्नौज 4, संत कबीर नगर 1, मैनपुरी में 4, गोंडा में 1 व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रदेश में कोरोना से कुल 14 मौत हो चुकी है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने बताया कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति निरंतर सुधर रही है, जो कि हमारे लिए एक अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि आइसोलेशन वार्ड में 1025 लोग हैं और 10814 संक्रमण संदिग्ध लोग क्वोरंटीन किए गए हैं। 10 हजार आइसोलेशन बेड और 15 हजार क्वोरंटीन बेड तैयार कर लिए गए हैं।

 

 

 

 

Coronavirus: दिल्ली से राहत भरी खबर

Coronavirus: दिल्ली से राहत भरी खबर, एक दिन में ठीक हुए 134 मरीज

देशभर में फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण के बीच दिल्ली से राहत की खबर ये है कि यहां एक दिन में 134 मरीज इस संक्रमण से मुक्त हुए हैं। 

Coronavirus: दिल्ली से राहत भरी खबर, एक दिन में ठीक हुए 134 मरीज - India TV
Coronavirus: दिल्ली से राहत भरी खबर, एक दिन में ठीक हुए 134 मरीज

नई दिल्ली:  देशभर में फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण के बीच दिल्ली से राहत की खबर ये है कि यहां एक दिन में 134 मरीज इस संक्रमण से मुक्त हुए हैं। दिल्ली में अबतक कुल 207 संक्रमित लोग ठीक होकर डिस्चार्ज किये जा चुके हैं। राजधानी में पिछले 24 घंटे में एक मरीज की मौत हुई है वहीं एक्टिव मरीजों की कुल संख्या 1643 है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि शहर में पिछले तीन दिन में कोविड-19 के मामलों में मामूली कमी आयी है। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में इसमें और कमी आएगी। कोरोना वायरस संक्रमण पर ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने कहा कि शुक्रवार को कुल 2,274 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से केवल 67 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। कुछ दिन पहले तक रोजाना संक्रमण के 180 से 350 मामले आ रहे थे। केजरीवाल ने कहा, ‘‘पिछले तीन दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में मामूली कमी आयी है। मुझे आशा है कि आने वाले दिनों में इसमें कमी आएगी, यह बढ़ेंगे नहीं।’’
 
मुख्यमंत्री ने निषिद्ध क्षेत्र के निवासियों से अनुरोध किया कि वे नियमों का पालन करें और अपने-अपने घरों से बाहर ना निकलें। केजरीवाल ने कहा, ‘‘कुछ निषिद्ध क्षेत्रों में लोग सड़कों पर दिख रहे हैं, जबकि इन इलाकों को कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए सील कर दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भायपूर्ण है कि कुछ निषिद्ध इलाकों में लोग अपने घरों से निकल रहे हैं और पड़ोसियों से मिल रहे हैं।’’

 

लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में अवैध शराब




लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में अवैध शराब की 1,2000 बोतलें जब्त

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान शनिवार को हरियाणा के झज्जर और कैथल जिलों में पुलिस ने तस्करी के लिए ले जाई जा रही अवैध शराब की 1,2000 बोतलें जब्त की।

1,2000 bottles of illegal liquor seized in Haryana during lockdown- India TV
1,2000 bottles of illegal liquor seized in Haryana during lockdown

चंडीगढ़: कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान शनिवार को हरियाणा के झज्जर और कैथल जिलों में पुलिस ने तस्करी के लिए ले जाई जा रही अवैध शराब की 1,2000 बोतलें जब्त की। झज्जर में पुलिस को जानकारी मिली थी कि आवश्यक खाद्य सामग्रियों के ट्रक में शराब की तस्करी की जा रही है। पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि झज्जर जिले में ट्रक की जांच के दौरान पुलिस को 952 पेटियों में 11, 424 बोतलें मिलीं। 
इन पेटियों को प्याज की 41 थैलियों के नीचे छिपाया गया था। हरियाणा पुलिस ने कैथल जिले में एक अन्य ट्रक के चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर 100 पेटियों में रखी अवैध शराब की बोतलें जब्त कर ली। पुलिस प्रवक्ता ने यहां कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील कुमार (चालक) और राजबीर उर्फ पोला के रूप में हुई।
उन्होंने बताया कि जिले के धांड रोड पर जांच के दौरान जब कैथल की ओर से आ रहे ट्रक को रुकने का इशारा किया गया, तो चालक तेज गति से वाहन लेकर भागने लगा। पुलिस टीम ने करीब 5 किलोमीटर तक उसका पीछा कर वाहन को रोका और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।



निजामुद्दीन से लौटे शख्स

निजामुद्दीन से लौटे शख्स ने गांववालों के साथ मिलकर अधिकारियों पर हमला किया

दिल्ली के निजामुद्दीन से लौटे एक व्यक्ति ने शनिवार को अपने दो साथियों और कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर ओडिशा के जाजपुर जिले के एक गांव में राज्य सरकार के दो अधिकारियों पर हमला कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया।

प्रतिकात्मक तस्वीर- India TV
प्रतिकात्मक तस्वीर



भुवनेश्वर: दिल्ली के निजामुद्दीन से लौटे एक व्यक्ति ने शनिवार को अपने दो साथियों और कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर ओडिशा के जाजपुर जिले के एक गांव में राज्य सरकार के दो अधिकारियों पर हमला कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि, बाद में तीनों को पकड़कर पृथक वास के लिए भेज दिया गया।
 घटना कुआखिया पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गोपीनाथपुर गांव में उस समय हुई, जब जिला अधिकारी रंजन कुमार दास अन्य अधिकारियों के साथ लॉकडाउन के दिशानिर्देशों के पालन का जायजा लेने पहुंचे। जिलाधिकारी ने कहा, '' जब बीडीओ और तहसीलदार गलियों में लोगों की जांच कर रहे थे, उसी समय मोटरसाइकिल पर सवार बिना मास्क पहने तीन लोग नहीं रूके और गोपीनाथपुर गांव की ओर भाग निकले।'' 

पुलिस ने कहा कि जब दोनों अधिकारियों ने उनका पीछा किया तो तीनों ने कथित तौर पर भीड़ एकत्र करके उन पर हमला कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को बचाया। दास ने कहा कि बाद में जांच में सामने आया कि इनमें से एक आरोपी ने मार्च में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था।

 

कोरोनावायरस: ICMR ने बताया

कोरोनावायरस: ICMR ने बताया- भारत में अब तक कोरोना के 3 लाख 54 हजार से परीक्षण

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि भारत में अब तक कुल 3,72,123 सैंपल का टेस्ट किया गया और कुल 3,54,969 लोगों का टेस्ट किया गया। 

Representational pic- India TV
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 नई दिल्ली: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया कि भारत में अब तक कुल 3,72,123 सैंपल का टेस्ट किया गया और कुल 3,54,969 लोगों का टेस्ट किया गया। आज 35,494 का टेस्ट किया गया। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 957 मामले सामने आए हैं और 36 लोगों की मौत हो चुकी है। नए मरीज सामने आने के बाद देश में कोरोना वायरस के कुल मामले बढ़कर 14,792 हो गए हैं। इन मामलों में से 12 हजार 289 कोरोना वायरस के एक्टिव केस हैं। 2015 मरीज अबतक कोरोना वायरस को मात देने में सफल हो गए हैं, जबकि इस बीमारी की वजह से 488 लोगों की मौत हो चुकी है।

घर लौटना चाह रहे प्रवासी शिल्पकार

घर लौटना चाह रहे प्रवासी शिल्पकार ने गुजरात के मंदिर में अपनी जीभ काटी

मध्यप्रदेश के रहने वाले एक प्रवासी शिल्पकार ने गुजरात के बनासकांठा जिले के एक मंदिर में शनिवार को अपनी जीभ काट ली। वह संभवत: लॉकडाउन के कारण हताश था और घर वापस जाना चाहता था। 

Coronavirus lockdown: Homesick migrant men cuts off his tongue at temple in Gujarat- India TV
Coronavirus lockdown: Homesick migrant men cuts off his tongue at temple in Gujarat

 

पालनपुर (गुजरात): मध्यप्रदेश के रहने वाले एक प्रवासी शिल्पकार ने गुजरात के बनासकांठा जिले के एक मंदिर में शनिवार को अपनी जीभ काट ली। वह संभवत: लॉकडाउन के कारण हताश था और घर वापस जाना चाहता था। पुलिस ने यह जानकारी दी। हालांकि, पुलिस ने उन खबरों से इंकार किया है कि शिल्पकार ने मंदिर में देवी को ‘‘चढ़ावा’’ चढ़ाने के लिये अपनी जीभ काटी। मध्यप्रदेश के मुरैना जिला निवासी विवेक शर्मा (24) पेशे से शिल्पकार है। वह शनिवार को सुई गाम तहसील के नादेश्वरी गांव के नादेश्वरी माता मंदिर में खून से लथपथ बेहोश स्थिति में पाया गया। 

पुलिस उपनिरीक्षक एच.डी.परमार ने बताया, ‘‘जब वह हमें मिला उसने अपनी जीभ हाथ में पकड़ी हुई थी। हम उसे तुरंत सुई गाम अस्पताल ले गए।’’ जिस मंदिर में यह घटना हुई, उसकी देखभाल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) करता है, जबकि शर्मा वहां से करीब 14 किलोमीटर दूर एक दूसरे मंदिर में काम करता था। 

प्रारंभिक जांच के अनुसार, लॉकडाउन के कारण राज्यों की सीमाएं सील होने के बाद शर्मा को घर की बहुत याद सता रही थी और वह व्याकुल हो गया था। बीएसएफ के स्थानीय अधिकारी ने बताया कि शर्मा ने संभवत: सोचा होगा कि देवी को जीभ के रूप में चढ़ावा चढ़ाने से हालात बदल जाएंगे और वह घर जा सकेगा। हालांकि, पुलिस ने कहा कि शर्मा की तबीयत सुधरने और उसका बयान दर्ज करने से पहले वह ऐसी किसी भी चीज की पुष्टि नहीं कर सकती कि वास्तव में क्या हुआ था।

 

 

Lockdown में नहीं निभा सकी पत्नी धर्म,

Lockdown में नहीं निभा सकी पत्नी धर्म, वीडियो कॉल के जरिये पति की अंत्येष्टि में शामिल हुई महिला

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में दिल को झकझोर देने वाली एक घटना में एक महिला 490 किलोमीटर दूर हुए अपने पति के अंतिम संस्कार में वीडियो कॉल के माध्यम से शामिल हुई। 

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मुंबई: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में दिल को झकझोर देने वाली एक घटना में एक महिला 490 किलोमीटर दूर हुए अपने पति के अंतिम संस्कार में वीडियो कॉल के माध्यम से शामिल हुई। महिला के पति चंद्रकांत का यहां गुरूवार को निधन हो गया था, और कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश भर में जारी लॉकडाउन के बीच डोडामार्ग तहसील के मोरले गांव निवासी महिला वसंती बांदेकर के लिए यात्रा करना संभव नहीं था।

महिला के बेटे अमित ने बताया, 'मेरे पिता का कैंसर के कारण 16 अप्रैल को निधन हो गया था। उनके शव को गांव ले जाने का कोई रास्ता नहीं था और न ही अपनी मां को लॉकडाउन के कारण यहां बुला सकता था।'

शोक संतप्त अमित ने बताया कि इस पर हमने वीडियो कॉल की व्यवस्था की जिसके जरिये मां पिताजी को देख कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे सके। चंद्रकांत, लॉकडाउन की घोषणा होने से एक दिन पहले 22 मार्च को इलाज के लिए मुंबई आया था।

 

Coronavirus: महाराष्ट्र

Coronavirus: महाराष्ट्र में अबतक 37 पुलिसकर्मी संक्रमित, कुल मामलों की संख्या 3,648 हुई

महाराष्ट्र में अबतक आठ अधिकारियों समेत कुल 37 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। 

Coronavirus: महाराष्ट्र में अबतक 37 पुलिसकर्मी संक्रमित, कुल मामलों की संख्या 3,648 हुई- India TV
Coronavirus: महाराष्ट्र में अबतक 37 पुलिसकर्मी संक्रमित, कुल मामलों की संख्या 3,648 हुई

 


मुंबई: महाराष्ट्र में अबतक आठ अधिकारियों समेत कुल 37 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि संक्रमित पुलिसकर्मियों में 29 सिपाही हैं, जो संभवत: लॉकडाउन के दौरान अपनी ड्यूटी करते समय कोविड-19 रोगियों के संपर्क में आ गए होंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर पुलिसकर्मी मुंबई से हैं।
अधिकारी ने कहा, ''लॉकडाउन लागू होने के बाद से लोगों द्वारा पाबंदियों का पालन सुनिश्चित करने के लिये पुलिस दिन रात काम कर रही है। इस दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों और कुछ संवेदनशील जगहों पर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी संक्रमित व्यक्ति की संपर्क में आ गए होंगे।'' उन्होंने कहा, ''शनिवार तक पूरे राज्य में 37 पुलिसकर्मी संक्रमित पाए गए हैं।''
इस बीच एक अन्य अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान पाबंदियों का उल्लंघन करने के लिये लगभग 52,625 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गए हैं। इनमें से 10,729 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 328 नए मामले सामने आने के बाद शनिवार को संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 3,648 हो गई।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 328 में से 184 मरीज मुंबई और 78 पुणे के हैं। उन्होंने बताया कि ठाणे शहर में छह, भिवंडी में तीन, ठाणे जिले में तीन, रायगढ़ में पांच, मीरा भायंदर में 11, कल्याण डोम्बिवली में पांच, पालघर में सात, पिंपरी चिंचवड़ में आठ, नागपुर में तीन, नवी मुंबई में दो, सतारा में चार, अकोला, अमरावती, नंदुरबार, पनवेल, औरंगाबाद, वसई विरार और पुणे जिले में संक्रमण का एक-एक मामला सामने आया।

 

 

आईसीएमआर ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन

आईसीएमआर ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के दुष्प्रभावों पर शुरू किया अध्ययन

गंगाखेड़कर ने कहा, “ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों की औसत आयु 35 साल है। एचसीक्यू लेने वाले कर्मियों में सबसे ज्यादा देखा गया दुष्प्रभाव पेट में दर्द था जबकि छह प्रतिशत कर्मियों में मितली की शिकायत देखी गयी।” 

ICMR begins study on side effects of hydroxychloroquine- India TV
ICMR begins study on side effects of hydroxychloroquine

 

 

नयी दिल्ली: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने शनिवार को कहा कि भारत में जिन स्वास्थ्य कर्मियों ने अपना उपचार खुद करने के चक्कर में मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का सेवन किया है उनमें दवा के दुष्प्रभाव दिखने लगे हैं जिसमें पेट में दर्द, मितली और हाइपोग्लाइसीमिया शामिल है। आईसीएमआर में महामारी विज्ञान एवं संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख रमन गंगाखेड़कर ने कहा कि आईसीएमआर ने एचसीक्यू के दुष्प्रभावों पर एक अध्ययन शुरू किया है जिसमें एचसीक्यू लेने वाले कुछ स्वास्थ्य कर्मियों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 
गंगाखेड़कर ने कहा, “ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों की औसत आयु 35 साल है। एचसीक्यू लेने वाले कर्मियों में सबसे ज्यादा देखा गया दुष्प्रभाव पेट में दर्द था जबकि छह प्रतिशत कर्मियों में मितली की शिकायत देखी गयी।” उन्होंने कहा कि दो प्रतिशत से भी कम कर्मियों में हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त में शर्करा की कमी)देखा गया। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए अध्ययन में पाया गया कि एचसीक्यू का सेवन करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों में से 22 प्रतिशत को पहले से कोई बीमारी थी। 
उन्होंने कहा, “अध्ययन में सामने आया है कि स्वास्थ्य कर्मी होने के बावजूद उनमें से 14 प्रतिशत ने एचसीक्यू का सेवन करने से पहले अपनी ईसीजी जांच नहीं कराई थी।” गंगाखेड़कर ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान कोविड-19 के उपचार और रोकथाम के लिए एचसीक्यू की क्षमता पर अध्ययन कर रहा है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि स्वास्थ्य कर्मियों को डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही दवा का सेवन करना चाहिए। 
उन्होंने बताया कि आईसीएमआर ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए एचसीक्यू की प्रभावोत्पादता पर अलग से शोध शुरू किया है जिसमें लगभग 480 मरीजों को सूचीबद्ध कर उन पर आठ सप्ताह तक अध्ययन किया जाएगा। आईसीएमआर ने इससे पहले स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों की देखभाल करने वालों के लिए एचसीक्यू के इस्तेमाल का सुझाव दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कोविड-19 के गंभीर मरीजों के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के साथ अजीथ्रोमाइसिन के इस्तेमाल की सलाह दी थी।

 

 

भारतीय नौसेना के 26 जवान संक्रमित

भारतीय नौसेना के 26 जवान संक्रमित, सरकार ने कहा- देश में 30 प्रतिशत मामले तबलीगी से जुड़े

देश में सशस्त्र बलों में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला बड़ा मामला शनिवार को सामने आया। भारतीय नौसेना के कम से कम 26 जवानों में संक्रमण की पुष्टि हुई।

26 Navy personnel in Western Naval Command test positive for coronavirus- India TV
26 Navy personnel in Western Naval Command test positive for coronavirus

नई दिल्ली: देश में सशस्त्र बलों में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला बड़ा मामला शनिवार को सामने आया। भारतीय नौसेना के कम से कम 26 जवानों में संक्रमण की पुष्टि हुई। केंद्र ने कहा है कि देश में संक्रमण के जितने मामले आए हैं उसमें 30 प्रतिशत का संबंध दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम से है । राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के 25 दिन पूरा होने के बीच केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लॉकडाउन के दौरान देश की स्थिति की समीक्षा की और इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का जायजा लिया। देश में लॉकडाउन तीन मई को खत्म होना है। 
अधिकारियों के अनुसार बैठक में शाह को बताया गया कि गृह मंत्रालय ने देश के विभिन्न भागों में फंसे मजदूरों की मदद करने के लिए क्या कदम उठाए हैं। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के 14,792 मामले हो गए हैं और मृतकों की संख्या 488 हो गयी है । देश में कोविड-19 की स्थिति को लेकर आयोजित दैनिक संवाददाता सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया, ‘‘23 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के 47 जिलों में सकारात्मक रूख दिखा। कर्नाटक में कोडागू और पुडुचेरी में माहे नये जिले हैं जिन्हें इस सूची में शामिल किया गया है जहां पिछले 28 दिनों में नये मामले सामने नहीं आए हैं।’’ 
उन्होंने कहा कि 12 राज्यों में 22 नये जिलों में पिछले 14 दिनों से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इन जिलों में बिहार में लखीसराय, भागलपुर और गोपालगंज, राजस्थान में उदयपुर और धौलपुर, जम्मू-कश्मीर में पुलवामा, हरियाणा में रोहतक और आंध्रप्रदेश में विशाखापत्तनम शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि बिहार के पटना और पश्चिम बंगाल के नादिया और हरियाणा के पानीपत में पहले दो हफ्ते में कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया था लेकिन वहां संक्रमण के मामले सामने आए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शहर में पिछले तीन दिन में कोविड-19 के मामलों में मामूली कमी आयी है। साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में इसमें और कमी आएगी। अग्रवाल ने बताया कि मरकज में हुए कार्यक्रम से जुड़े अधिकतर मामले राज्यों से जुड़े हुए हैं। तमिलनाडु में 84 फीसदी, तेलंगाना में 79 फीसदी, दिल्ली में 63 फीसदी, उत्तरप्रदेश 59 फीसदी और आंध्रप्रदेश से 61 फीसदी है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के कुल 14,378 मामलों में से 4,291 मामले या 29.8 फीसदी तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं।’’ स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ राज्यों में कोविड-19 संक्रमण के मामले कम हैं लेकिन वहां भी मरकज के कार्यक्रम से जुड़े मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए अरूणाचल प्रदेश में कोरोना वायरस का एकमात्र मामला मरकज में हुए कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। इसी तरह असम में 35 में से 32 मामले और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में 12 में से 10 मामले जमात के कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं। मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमान में तैनात भारतीय नौसेना के कम से कम 26 जवानों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई हैं। 

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सभी संक्रमित नौसैनिक साजो-सामान और सहयोग शाखा आईएनएस आंग्रे में सेवारत हैं और उनका नौसेना के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। नौसेना ने संक्रमित कर्मियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि आईएनएस आंग्रे के अंदर बनी रिहायशी इमारतों में सभी निवासियों की जांच की जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के शीर्ष अधिकारी को इसकी जानकारी दे दी गई है और वे हालात पर करीब से नजर रखे हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार शाम अपडेट में कहा है कि देश में संक्रमित लोगों की संख्या 14,792 है और 488 लोगों की मौत हुई है। 

हालांकि, विभिन्न राज्यों से मिली खबरों के आधार पर पीटीआई-भाषा की तालिका के मुताबिक संक्रमण के 14,848 मामले हो चुके हैं और मृतकों की संख्या 500 पार कर गयी है जबकि 2067 लोग ठीक हो चुके हैं । बहरहाल, अग्रवाल ने कहा कि अभी तक कोविड-19 से 1992 मामले यानी 13.85 फीसदी रोगी ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 से मरने की दर 3.3 फीसदी है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘मरने वालों में 75.3 फीसदी 60 वर्ष या अधिक उम्र के हैं और 83 फीसदी मामलों में मरीज अन्य रोगों से भी ग्रस्त पाए गए।’’ 

उधर, महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन के कारण राज्य में आजीविका गंवा चुके पंजीकृत 12 लाख से ज्यादा निर्माण मजदूरों में प्रत्येक को दो-दो हजार रुपये देने का फैसला किया है । उत्तरप्रदेश सरकार ने राजस्थान के कोटा से छात्रों को लाने के लिए बसों को रवाना किया है । लॉकडाउन के कारण कोटा में फंसे करीब 3,000 छात्र उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा भेजी गयी 100 बसों से अपने घर लौटे हैं लेकिन 7,000 और छात्र राजस्थान से लौटने के इंतजार में हैं।